उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से पाइपलाइन बिछाने को मिली मंजूरी, नगरी जल प्रदाय योजना को मिलेगी रफ्तार

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उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से पाइपलाइन बिछाने को मिली मंजूरी, नगरी जल प्रदाय योजना को मिलेगी रफ्तार



उत्तम साहू 

धमतरी, 05 मार्च 2026। नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्र सरकार की अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित नगरी जल प्रदाय योजना के लिए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से पाइपलाइन बिछाने को सशर्त स्वीकृति मिल गई है। इससे नगरी क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने का रास्ता साफ हो गया है।

यह स्वीकृति नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की स्थायी समिति की 19 जनवरी 2026 को आयोजित 88वीं बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने की। प्रस्ताव के तहत टाइगर रिजर्व क्षेत्र की लगभग 0.972 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग पाइपलाइन बिछाने के लिए किया जाएगा।

परियोजना के तहत धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाकर नगर पंचायत नगरी के लिए जल प्रदाय योजना को क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ शासन को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

पर्यावरण संरक्षण के साथ होगा निर्माण कार्य

स्वीकृति के साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की गई हैं ताकि वन्यजीवों और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। निर्देशों के अनुसार—

  • निर्माण कार्य केवल दिन के समय किया जाएगा।
  • पाइपलाइन के लिए खुदाई मौजूदा सड़क किनारे ही की जाएगी।
  • संवेदनशील क्षेत्रों में भारी मशीनों के बजाय हाथ से खुदाई की जाएगी।
  • कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय प्रजातियों का पुनः रोपण किया जाएगा।
  • टाइगर रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्र में श्रमिक शिविर स्थापित नहीं किए जाएंगे
  • खुदाई के बाद सभी गड्ढों को तुरंत भरकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाएगा।

जिले में पेयजल योजनाओं पर तेजी से काम

कलेक्टर Abinash Mishra ने बताया कि नगरी क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव बोर्ड से स्वीकृति मिलना योजना के लिए सकारात्मक कदम है और निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण से जुड़े सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिले में नगरी के साथ-साथ धमतरी, मगरलोड, भखारा और कुरूद क्षेत्रों में भी चरणबद्ध रूप से पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। धमतरी में संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से भविष्य में लगभग तीन लाख तक की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित की जा रही है।

अन्य क्षेत्रों में भी चल रहे हैं जल परियोजनाएं

  • आमदी क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत लगभग 4 से 5 हजार आबादी के लिए पेयजल योजना पर कार्य चल रहा है, जिसमें करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
  • भखारा और कुरूद क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान के लिए राज्य शासन से लगभग 32 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
  • मगरलोड क्षेत्र में भी पेयजल संकट के समाधान के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
  • करेली बड़ी नगर पंचायत के लिए मल्टी-विलेज जल योजना बनाई जा रही है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, बेहतर आधारभूत ढांचा और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

योजना के पूर्ण होने के बाद नगरी नगर पंचायत क्षेत्र के नागरिकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्र के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ शहरी बुनियादी सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।

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