पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी.. महिला का पति ही निकला हत्यारा
बालोद जिले में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बालोद के देवी नवागांव में मिली महिला की संदिग्ध लाश ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी थी, लेकिन अब पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है—और हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि महिला का अपना पति निकला।
नदी किनारे मिला था शव
23 फरवरी को देवी नवागांव स्थित तांदुला नदी किनारे एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने पहचान की तो वह गांव की ही सावित्री निषाद निकलीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रात अधिक हो जाने के कारण शव को सुरक्षा में रखा गया और अगले दिन कोतवाली थाना, साइबर सेल, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वाड की टीम ने जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103 (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
विशेष टीम ने डाला डेरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मोनिका ठाकुर और एसडीओपी बोनीफास एक्का के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गांव में कई दिनों तक कैंप कर ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आया कि मृतका पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और बिना बताए मायके चली जाती थी, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद होते रहते थे।
पति ही निकला कातिल
शक के आधार पर जब पुलिस ने पति धर्मेंद्र निषाद (41) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो वह शुरू में गोल-मोल जवाब देकर गुमराह करता रहा। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सख्त पूछताछ के आगे उसकी कहानी टूट गई और उसने जुर्म कबूल कर लिया।
“बच्चे भूखे गए स्कूल” — गुस्से में ली जान
आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसकी पत्नी ने खाना नहीं बनाया था, जिससे बच्चे भूखे स्कूल चले गए। इसी बात पर उसे गुस्सा आया। वह पत्नी को लेकर नदी किनारे गया, जहां पुरानी साड़ी फाड़कर रस्सीनुमा फंदा बनाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में इसे हादसा दिखाने के लिए गले में स्कार्फ लपेट दिया, ताकि लगे कि फंसने से मौत हुई है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एक मामूली घरेलू विवाद ने जिस तरह खौफनाक अंजाम लिया, उसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

