खनिज विभाग की नाक के नीचे अवैध खनन का खेल, परसापानी के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

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खनिज विभाग की नाक के नीचे अवैध खनन का खेल, परसापानी के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा


उत्तम साहू 

धमतरी- नगरीनगरी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। मिट्टी, मुरूम, रेत और लाल ईंट के लिए अवैध खुदाई का काम जोरों पर चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन और खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की अनदेखी या संरक्षण के कारण ही यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।


नगर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह अवैध रूप से लाल ईंट बनाने के लिए मिट्टी की खुदाई की जा रही है। इसके अलावा रेत, मुरूम और मिट्टी का उत्खनन कर खुलेआम ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए सप्लाई की जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।



सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में जेसीबी और ट्रैक्टर संचालक कथित रूप से संबंधित विभाग के अधिकारियों को “भेंट-पूजा” चढ़ाते हैं, जिसके चलते अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं और वे बिना किसी डर के उत्खनन व परिवहन में लगे हुए हैं।


इसी बीच ग्राम पंचायत परसापानी के ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय नगरी पहुंचे और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।


ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत परसापानी की राजस्व भूमि के अंतर्गत स्थित आमानाला में सीमित मात्रा में रेत उपलब्ध है। ग्राम सभा ने 19 अक्टूबर 2024 को आयोजित बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 10 पारित कर यह निर्णय लिया था कि उक्त रेत को पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों के निर्माण कार्य के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इस निर्णय की जानकारी कोटवार के माध्यम से गांव के लोगों को भी दी गई थी।


इसके बावजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम परसापानी निवासी नागेंद्र साहू द्वारा ग्राम सभा के निर्णय के विपरीत निजी ट्रैक्टर से आमानाला से रेत निकालकर परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी तहसील प्रशासन को मौखिक रूप से सूचना दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए, अन्यथा आने वाले समय में आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं अब देखना यह होगा कि खनिज विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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