भाई की एक डांट… और बुझ गई मासूम ज़िंदगी की रोशनी
दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया है। गणेश नगर वार्ड-5 की रहने वाली महज 10 साल की गुरप्रीत कौर ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
बताया जा रहा है कि 19 मार्च की शाम घर में एक सामान्य सा पारिवारिक माहौल था, लेकिन छोटी सी बात पर बड़े भाई की डांट ने मासूम दिल पर गहरा असर छोड़ दिया। चौथी कक्षा में पढ़ने वाली गुरप्रीत इस बात से इतनी आहत हो गई कि उसने कमरे में जाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
उस वक्त घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था—पिता ड्राइवर के काम पर गए थे और मां ब्यूटी पार्लर। जब आसपास के लोगों को भनक लगी, तो तुरंत बच्ची को भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुरप्रीत, स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल की छात्रा थी—एक ऐसी बच्ची, जिसके सपने अभी उड़ान भरना ही शुरू हुए थे। शुक्रवार को नम आंखों के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया।
फिलहाल जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
सोचने वाली बात:
कभी-कभी हमारे शब्द, खासकर बच्चों के लिए, बहुत भारी पड़ जाते हैं। एक छोटी सी डांट भी उनके कोमल मन पर गहरा असर डाल सकती है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों से बात करते वक्त संवेदनशीलता और समझदारी कितनी जरूरी है।

