नगरी में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
उत्तम साहू
नगरी, 18 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, ब्लॉक नगरी (जिला धमतरी) ने प्रदेश के शासकीय सेवकों की लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण को लेकर राज्य शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। फेडरेशन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बीआरसी कार्यालय से रैली निकालकर नारेबाजी की और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर के नाम ज्ञापन सौंपा।
रैली के दौरान कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। फेडरेशन के ब्लॉक संयोजक डोमार सिंह ध्रुव ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर पहले भी कई बार शासन को पत्राचार एवं आंदोलनों के माध्यम से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों एवं अधिकारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो फेडरेशन आगामी समय में चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ये हैं प्रमुख मांगें: फेडरेशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सातवें वेतनमान के अनुरूप महंगाई भत्ता एवं एरियर्स का भुगतान कर उसे जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। इसके अलावा 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में चार स्तरीय पदोन्नति/समयमान वेतनमान लागू करने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर 300 दिवस तक अर्जित अवकाश नगदीकरण की सुविधा देने की मांग की गई है।
विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए गठित पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर उसे लागू करने, शिक्षकों एवं सहायक शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु ठोस नीति बनाने पर भी जोर दिया गया है।
इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने जैसी मांगें भी प्रमुख रूप से रखी गई हैं।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे शामिल ज्ञापन सौंपने के दौरान सह संयोजक सुरेंद्र साहू, गिरीश जायसवाल, डी.पी. ताम्रकार, सुरेंद्र नेताम, रमेश साहू, चंद्रहास शांडिल्य, प्रशांत साहू, महेंद्र बोरझा, मोहर पटेल, अनीत ध्रुव, मदन सेन, चंद्रकांत पाण्डेय, चंद्रप्रकाश कश्यप, महेश सूर्यवंशी, सलीम खान, टी.पी. शेर, जसवंत नेताम, योगेश कुमार ठाकुर, जितेन्द्र कुमार ध्रुव, प्रदीप कुमार टंडन, धर्मेंद्र साहू, मिलेंद सोम, दुलचंद ध्रुव, संजीव निर्मलकर, नरेंद्र नेताम, मोनालिका मरकाम, निशा यादव, निरुपमा लहरे, गणेश राम ध्रुव, राजकुमार कुंभकार, विजय कुमार देवांगन, बी.आर. टंडन, लोकेश कुमार निषाद, दुलेश्वर यादव, संगीता मंडावी, यामिनी साहू, अनीता नेताम, संत मरकाम, तेन सिंह साहू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
फेडरेशन ने अंत में उम्मीद जताई है कि राज्य शासन कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।


