छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम निर्विरोध चुनी जाएंगी
भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला खत्म; 16 मार्च को प्रस्तावित चुनाव अब औपचारिकता
रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए इस बार चुनावी मुकाबला नहीं होगा। भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध राज्यसभा सदस्य बनने जा रही हैं। दोनों प्रमुख दलों ने एक-एक उम्मीदवार उतारे, जिसके कारण चुनाव की स्थिति नहीं बनी।
गुरुवार को विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा ने तीन सेट में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पार्टी के कई विधायक मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम ने दो सेट में नामांकन पत्र जमा किया, जिनके साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक उपस्थित थे।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है। उसी दिन शाम तक दोनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया जाएगा। हालांकि राज्यसभा चुनाव की निर्धारित तिथि 16 मार्च है, लेकिन निर्विरोध स्थिति बनने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
कांग्रेस ने फूलोदेवी नेताम पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें दूसरी बार राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। इस बार खाली हुई दो सीटों में से एक सीट पहले भी उनके पास थी।
वहीं भाजपा की लक्ष्मी वर्मा पहली बार राज्यसभा सांसद बनेंगी। वे करीब तीन दशकों से पार्टी संगठन में सक्रिय रही हैं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने से पहले वे राज्य महिला आयोग की सदस्य थीं, जहां से उन्होंने नामांकन से पहले इस्तीफा दे दिया।
राजनीतिक संदेश भी अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दलों ने अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है, जिससे राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के साथ संगठनात्मक संतुलन भी बना रहे।

