बिहान योजना से बदली जिंदगी, जानकी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
उत्तम साहू
धमतरी, 6 मार्च 2026। जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत ग्राम खर्रा की निवासी जानकी की जीवन यात्रा आज महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गई है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करने वाली जानकी आज सफल व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से मिली प्रेरणा, मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत का अहम योगदान है।
जानकी जय मां गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद आर्थिक गतिविधियों के प्रति जागरूक हुईं। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी मिली। सामुदायिक निवेश निधि (CIF) से प्राप्त ऋण की सहायता से उन्होंने कपड़ों के व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और ग्राहकों के विश्वास के बल पर उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।
बाद में समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और फैंसी स्टोर भी शुरू किया। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त कर उन्होंने जूते-चप्पल की दुकान भी प्रारंभ की। वर्तमान में उनके व्यवसाय में कपड़े, फैंसी सामग्री और जूते-चप्पल की बिक्री होती है, जिससे उन्हें प्रतिमाह अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
जानकी केवल स्वयं आत्मनिर्भर नहीं बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। वे खेती-बाड़ी समूह की अध्यक्ष, ग्राम संगठन (VO) की अध्यक्ष तथा बीआरसी सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।
जानकी बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आत्मविश्वास मिला और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त हुई। इसी सहयोग और मार्गदर्शन के कारण वे आज सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं।
जानकी की सफलता यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल भी बन सकती हैं।

