किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी नहर लाइनिंग परियोजना, जल संसाधन विभाग की पहल सराहनीय
उत्तम साहू 20 मार्च 2026
नगरी। क्षेत्र के किसानों के लिए राहत, समृद्धि और स्थायी कृषि विकास की नई राह खोलने वाली नहर लाइनिंग परियोजना इन दिनों तेजी से आकार ले रही है। सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 60.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, वहीं 173.28 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया है। परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 4426 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग द्वारा नगरी विकासखंड में नहर लाइनिंग का कार्य गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग के जरिए कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
नहरों की लाइनिंग से जल प्रवाह सुचारु होगा और पानी के रिसाव व अपव्यय पर रोक लगेगी। इससे सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सीधा प्रभाव फसल उत्पादन पर पड़ेगा। किसानों को समय पर पर्याप्त पानी मिलने से उनकी पैदावार बढ़ेगी और आय में भी इजाफा होगा। इस दृष्टि से यह परियोजना क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा सोंढूर बांध से नगरी क्षेत्र को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से किसानों को वर्षभर पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे।
हाल ही में कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने नगरी प्रवास के दौरान सिंगपुर–दुगली नहर लाइनिंग कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, भौतिक प्रगति, निविदा प्रक्रिया और प्रस्तावित सिंचित क्षेत्र की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
होली के पूर्व कुछ स्थानों पर पशुओं के कारण निर्माण कार्य को आंशिक नुकसान पहुंचा था, जिसे तत्काल सुधार लिया गया। इसके बावजूद जहां भी कार्य में किसी प्रकार की कमी पाई जा रही है, वहां पुनः निर्माण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। निर्माण के दौरान पर्याप्त क्यूरिंग की जा रही है, जिससे सीमेंटेड संरचना मजबूत और टिकाऊ बन सके।
जल संसाधन विभाग की इस सक्रियता और प्रतिबद्धता की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। किसानों का मानना है कि यह नहर लाइनिंग परियोजना उनके लिए किसी “संजीवनी” से कम नहीं है, जो आने वाले समय में उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

