बेलरगांव में लगा स्वास्थ्य शिविर, 143 बच्चों की जांच — कुपोषित बच्चों को NRC रेफर
उत्तम साहू
नगरी/धमतरी। कलेक्टर धमतरी के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के सहयोग से ग्राम पंचायत भवन बेलरगांव में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आंगनबाड़ी एवं मोबाइल क्रेच ‘लइका घर’ में दर्ज बच्चों, विशेषकर कुपोषण और एनीमिया से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना रहा।
शिविर में कुल 143 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिला टीकाकरण अधिकारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.पी. दीवान ने 43 चिन्हांकित बच्चों की विशेष जांच कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का गहन मूल्यांकन किया।
जांच के दौरान 37 बच्चे गंभीर कुपोषित और 59 बच्चे मध्यम कुपोषित पाए गए। इन सभी बच्चों को बेहतर उपचार और देखरेख के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) नगरी रेफर किया गया।
स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत 69 बच्चों का हीमोग्लोबिन टेस्ट किया गया, जिसमें 10 बच्चे एनीमिया से पीड़ित पाए गए। वहीं, 13 बच्चों का रैंडम ब्लड शुगर (RBS) टेस्ट किया गया, जो सामान्य पाया गया। आयुष विभाग के सहयोग से 136 बच्चों को ‘स्वर्ण प्राशन’ भी कराया गया, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.पी. दीवान ने पालकों को जागरूक करते हुए कहा कि कुपोषण का मुख्य कारण बच्चों को समय पर संतुलित आहार न मिलना है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को दिन में 6 से 7 बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन दें और घर का पौष्टिक आहार जैसे पंजीरी, मूंगफली के लड्डू आदि खिलाने की आदत डालें, ताकि वे बाजार के पैकेट बंद खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
बीएमओ नगरी डॉ. डी.एन. सोम ने बताया कि चिन्हांकित बच्चों का महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मोबाइल क्रेच के माध्यम से नियमित फॉलोअप किया जाएगा, जिससे उनकी सेहत में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
शिविर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलरगांव के डॉ. जय किशन नाग, चिरायु टीम के डॉ. तरुण देवगन, डॉ. मिथलेश, डॉ. रेणुका, डॉ. सोनम, आयुष विभाग के डॉ. रविन्द्र वर्मा, डॉ. चंद्रकर सहित मोबाइल क्रेच के सदस्य एवं विभागीय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

