उद्योग और श्रम विभाग के समन्वय से संवर रहा छत्तीसगढ़: श्रमिक कल्याण से औद्योगिक विकास तक नई पहचान
रायपुर, 11 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार उद्योग और श्रम क्षेत्र में समन्वित विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार की नीतियों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है, जहां एक ओर श्रमिकों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों के विस्तार से रोजगार और निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, आवास सहायता, दुर्घटना सहायता और शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना जैसी पहलें शामिल हैं। श्रम अन्न योजना के तहत मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो श्रमिकों के लिए राहतकारी साबित हो रहा है।
सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचना सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिक विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी राज्य ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सैकड़ों नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर की स्थापना, सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ आधुनिक तकनीकी अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे प्रशासनिक सुधारों से निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
महिला उद्यमियों को बढ़ावा, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
राज्य सरकार का मानना है कि संवेदनशील नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टि के साथ विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाता है। छत्तीसगढ़ आज इसी सोच के साथ समृद्धि और समान अवसरों के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।

