एनओसी के नाम पर सौदेबाजी!सरपंच को रिश्वत लेते एसीबी ने किया गिरफ्तार
महासमुंद। जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने ग्राम पंचायत बेमचा के सरपंच को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर जमीन पर निर्माण कार्य की एनओसी देने के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत बेमचा के वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर ने आबादी भूमि पर निर्माण की अनुमति देने के एवज में 4 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने इसकी शिकायत एसीबी रायपुर में दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि शिकायतकर्ता की पत्नी के आधिपत्य वाली जमीन के लिए पहले एनओसी जारी हो चुकी थी, लेकिन वर्तमान सरपंच ने उसे निरस्त कर दिया। इसके बाद दोबारा अनुमति देने के नाम पर रिश्वत मांगी गई।
एसीबी ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान मोलभाव के बाद सौदा 3 लाख 80 हजार रुपये में तय हुआ। बताया गया कि आरोपी पहले ही 50 हजार रुपये एडवांस ले चुका था।
इसके बाद एसीबी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से अगली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते समय सरपंच को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और एसीबी आगे की जांच में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई ने पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

