छत्तीसगढ़: कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या मामले में बड़ा खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 'ऑपरेशन हंट' के तहत पुलिस को मिली कामयाबी
जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक कांग्रेस नेता के बेटे की सनसनीखेज हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव की है, जहाँ पुरानी रंजिश, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और पैसों के विवाद के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
नकाब पहनकर घर में घुसे थे बदमाश
घटना बीती 23-24 अप्रैल की रात करीब साढ़े 12 बजे की है। करही गांव के रहने वाले सीमेंट-रेत व्यवसायी और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर में तीन नकाबपोश बदमाश जबरन घुस गए। बदमाशों ने सबसे पहले पीड़ित भाइयों के माता-पिता को एक कमरे में बंद कर दिया।
इसके बाद वे उस कमरे में गए जहाँ तीनों भाई-बहन सो रहे थे और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में सम्मेलाल कश्यप के बड़े बेटे आयुष कश्यप (19) के सिर और सीने में गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनका छोटा बेटा **आशुतोष कश्यप (16) इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद बदमाश घर से 50-60 हजार रुपये कैश और एक आईफोन लूटकर मौके से फरार हो गए थे।
मृतक और घायल भाई-बहन की जानकारी
मृतक: आयुष कश्यप (19 वर्ष) – बीएएलएलबी (BA LLB) सेकंड ईयर का छात्र था। वह अपने पिता का रेत-गिट्टी का कारोबार भी संभाल रहा था।
घायल: आशुतोष कश्यप (16 वर्ष) – 10वीं कक्षा का छात्र है और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करता है।
बहन: प्रेरणा कश्यप – जो कि जगदलपुर जिले के अंंंजर गांव पोस्ट ऑफिस में बीपीएम (BPM) पद पर पदस्थ है। वह 10 मार्च को छुट्टी पर घर आई हुई थी। घटना के वक्त तीनों भाई-बहन एक ही कमरे में सो रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी करही गांव के ही रहने वाले हैं:
1. हेमंत कुमार बघेल (उम्र: 23 वर्ष)
2. भूषण बघेल (उम्र: 23 वर्ष)
3. अमित टंडन (उम्र: 28 वर्ष)
बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, उसकी मैगजीन, एक खाली मैगजीन और एक बाइक बरामद की है।
व्यवसायिक दुश्मनी और सुपारी का खेल
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मृतक आयुष कश्यप अपने पिता का रेत-गिट्टी का बढ़ता हुआ कारोबार संभाल रहा था। इलाके में उसका बढ़ता हुआ रसूख देखकर आरोपी उसे रास्ते से हटाना चाहते थे।
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि आरोपी भूषण बघेल ने साल 2023 में आयुष के पिता सम्मेलाल की हत्या के लिए 7 लाख रुपये की सुपारी ली थी, लेकिन वह उस वक्त घटना को अंजाम नहीं दे पाया था। आरोपी, आयुष के साथ-साथ उसके पिता की भी हत्या करना चाहते थे। हालांकि, यह सुपारी किसने दी थी, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर पुराना कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए यह डील हुई थी।
7 राज्यों में दबिश और 'ऑपरेशन हंट'
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए गुजरात भाग गए थे और वहाँ छिपकर काम करने लगे थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए कोरबा, जांजगीर और बिलासपुर पुलिस ने मिलकर संयुक्त जांच शुरू की।
ट्रेनिंग से लौटने के बाद एसपी विजय कुमार पांडेय सीधे करही गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिसके बाद पूरे मामले में ‘ऑपरेशन हंट’ शुरू किया गया। साइबर टीम की मदद से 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी सबूत जुटाए गए। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत 7 राज्यों में दबिश दी।
आखिरकार, पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपियों को पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ बुलाया, जहाँ कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले का मास्टरमाइंड और कुछ अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश तेजी से की जा रही है।


