डाइट नगरी में कक्षा 7 की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर बीआरजी प्रशिक्षण संपन्न
उत्तम साहू
नगरी। में कक्षा 7 की नवीन पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बीआरजी (ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप) प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण एससीईआरटी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए बीआरजी सदस्य एवं शिक्षक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डाइट नगरी के प्राचार्य प्रकाश राय एवं उपप्राचार्य आर.एन. साहू के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण प्रभारी जोहन नेताम, व्याख्याता डाइट नगरी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन पाठ्यक्रम, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति तथा अधिगम परिणामों की जानकारी देना रहा।
प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों एवं डीआरजी सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। इनमें प्रमोद साहू (सामाजिक विज्ञान), प्रकाश सिंह, रंगनाथ सिंह, कृष्ण कुमार साहू (अंग्रेजी), भोजराम साहू, राजेश तिवारी, पुराणिक दिवान (संस्कृत), अनिल सोरी, अशोक साहू, मनोज पटेल एवं अंबिका सिन्हा (गणित) शामिल रहे। विशेषज्ञों ने नवीन पाठ्यपुस्तकों की संरचना, मूल्यांकन प्रक्रिया, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं विद्यार्थियों में रचनात्मक और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के तरीकों पर जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण के दौरान समूह चर्चा, नवाचारी कक्षा संचालन एवं शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया। नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में समझ, कौशल और रचनात्मकता विकसित करने के उद्देश्य से पाठ्यपुस्तकों में किए गए परिवर्तनों पर विशेष चर्चा हुई।
कला शिक्षा पर संगीता रनघाटी, व्याख्याता डाइट नगरी ने मार्गदर्शन दिया, वहीं व्यवसायिक शिक्षा विषय पर आईटीआई के शिक्षक साहू जी ने जानकारी साझा की। कार्यक्रम में के राहुल भाई, राहुल लुटावा एवं उनकी टीम ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री वितरित की गई तथा सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर डाइट नगरी के संकाय सदस्य देव कुमार साहू, प्रकाश सिंह, जोहन नेताम एवं संगीता रनघाटी सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के क्षमता संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगे।


