हत्या की गुत्थी सुलझी,8 माह बाद पुलिस ने सरपंच समेत 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
जमीन खरीदी-बिक्री में गड़बड़ी छिपाने रची गई थी साजिश, शराब में जहर मिलाकर की गई हत्या
नरहरपुर। हल्बा थाना क्षेत्र के डूमरपानी गांव में हुए चर्चित मिलन पटेल हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। करीब आठ माह तक चली जांच के बाद पुलिस ने गांव के सरपंच सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि जमीन खरीदी-बिक्री में हुए गबन और वित्तीय गड़बड़ी का राज खुलने के डर से सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार मृतक मिलन पटेल को जमीन के लेन-देन और पैसों की हेराफेरी की जानकारी थी। आरोपियों को आशंका थी कि यदि यह मामला उजागर हुआ तो लाखों रुपये के गबन का खुलासा हो सकता है। इसी डर से सरपंच ने अपने साथियों के साथ मिलकर मिलन पटेल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक की देखभाल करने वाले व्यक्ति को पैसों का लालच दिया गया था। आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर मिलन पटेल को पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शुरुआत में मामले को सामान्य मौत बताने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गहन जांच, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के दौरान पूरा षड्यंत्र सामने आ गया।
पुलिस ने मामले में गांव के सरपंच समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी भी जारी है और जमीन खरीदी-बिक्री से जुड़े अन्य दस्तावेजों और लेन-देन की भी जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

