केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन पहुंचे फरसियां,
महामाया मंदिर एवं महानदी उद्गम स्थल के विकास पर हुई चर्चा
उत्तम साहू
नगरी। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली के केंद्रीय अतिरिक्त सचिव एवं मिशन संचालक कमलकिशोर सोन अपने गृह ग्राम फरसियां पहुंचे। उनके साथ उमेश भारद्वाज (डिप्टी सेक्रेटरी, जल जीविका मिशन) एवं ओंकेश चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। महामाया मंदिर 16 पाली समिति फरसियां द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
इस दौरान महामाया मंदिर परिसर में समिति सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में महामाया मंदिर के समग्र विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार तथा महानदी उद्गम स्थल के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन ने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने महानदी उद्गम स्थल की महत्ता बताते हुए इसके संरक्षण, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सहभागिता ही विकास कार्यों की सबसे बड़ी ताकत है।
बैठक में समिति के सदस्यों ने मंदिर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने से संबंधित कई सुझाव प्रस्तुत किए। मंदिर परिसर के विकास को लेकर भविष्य की योजनाओं एवं संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंत में महामाया 16 पाली समिति की ओर से कमलकिशोर सोन का अभिनंदन किया गया तथा क्षेत्र के विकास एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, सरपंच केशव टेकाम, त्रिलोक साहू, शिवदयाल साहू, खेमेन्द्र साहू, प्रदीप सोन, पूर्णिमा शांडिल्य, उषा सोन, चंपा साहू, अनीता साहू, वाणिका साहू, राजेश सिन्हा, अरुण प्रजापति, महामाया 16 पाली समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल ध्रुव, सचिव नीरज सोन, राधेलाल साहू, दीनदयाल नागे, रेखा साहू, खेमसिंग चनाप, कन्हाई राम ध्रुव, कैलाश सोन, माधुरी कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।


