नहर के पानी से सब्जी बाड़ी तबाह, किसान ने मुआवजे की मांग उठाई
उत्तम साहू
नगरी/ गोरेगाँव। फसल चक्र परिवर्तन योजना के तहत सब्जी खेती कर रहे किसान को सिंचाई विभाग की लापरवाही भारी पड़ गई। ग्राम गोरेगाँव के किसान लेखराज साहू की सब्जी बाड़ी में नहर का पानी भर जाने से लाखों रुपए की फसल खराब हो गई। प्रभावित किसान ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, लेखराज साहू ने अपने पुस्तैनी खेत में ड्रिप सिस्टम के माध्यम से कद्दू और तरबूज की खेती की थी। तरबूज की फसल निकल चुकी थी और कद्दू की दो-तीन पिकअप फसल शेष थी। इसी दौरान 22 अप्रैल 2026 को सोंदूर बांध से तालाबों में पानी भरने के लिए पानी छोड़ा गया। मुख्य मार्ग से तालाब तक जाने के लिए मात्र 50 मीटर की नाली होने के बावजूद करीब 500 मीटर दूर स्थित सब्जी बाड़ी में अचानक पानी भर गया, जिससे कद्दू की तैयार फसल खेत में ही सड़-गल गई।
किसान ने 23 अप्रैल को अनुविभागीय अधिकारी (म.ज.प. बांध) नगरी कार्यालय में मौखिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण भी किया। इसके बावजूद नहर का पानी लगातार आगे के खेतों तक पहुंचता रहा। 27 अप्रैल को किसान ने लिखित शिकायत देकर मुआवजा और कार्यवाही की मांग की, जिसके बाद उसी दिन शाम को पानी आना बंद हुआ, लेकिन नुकसान की भरपाई अब तक नहीं की गई है।
आरोप है कि शासन के नियमों के विपरीत रबी सीजन में भी नहर से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। 29 अप्रैल से फिर से तेज गति से पानी छोड़ा गया, जिससे आसपास के खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे सब्जी बाड़ी की जमीन भी खराब हो गई है और ड्रिप पद्धति से खेती करना मुश्किल हो गया है।
किसान लेखराज साहू का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर लाखों रुपए की लागत से सब्जी की खेती की थी, लेकिन विभाग की लापरवाही से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करेंगे।
इस पूरे मामले ने फसल चक्र परिवर्तन योजना की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक ओर किसानों को नई खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है।

