खाना नहीं बना… और उजड़ गया एक घर: बेटे के हाथों मां की दर्दनाक हत्या
दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा इलाके से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, उसी मां की जिंदगी उसके अपने बेटे के हाथों खत्म हो गई। मामूली घरेलू विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि पूरा इलाका सन्न रह गया।
जानकारी के मुताबिक, जेवरा सिरसा चौकी से करीब 100 मीटर दूर रहने वाली दिव्यांग महिला सरस्वती पटेल (लगभग 40 वर्ष) की शनिवार देर रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उनके बेटे अश्वनी पटेल पर लगा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि देर रात मां-बेटे के बीच खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में बेकाबू हुए अश्वनी ने घर में रखे डंडे से अपनी मां पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर, माथे, हाथ, छाती और पेट पर गंभीर चोटें लगने से सरस्वती पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की खबर मिलते ही आसपास के लोग दहशत में आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच और डॉक्टरों की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में गंभीर अंदरूनी चोटों को मौत की वजह बताया गया।
मृतका के भतीजे मनीष पटेल की सूचना पर पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गुस्से और मानसिक अस्थिरता का अंत आखिर कितना भयावह हो सकता है। एक मामूली विवाद ने मां-बेटे के रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

