डैम में समा गई मां की ममता
डूबती बेटी को बचाने कूदी गर्भवती मां, तीन जिंदगियां एक साथ बुझीं
जशपुर जिले से एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। मां की ममता अपनी बेटी को बचाने के लिए मौत से भी लड़ गई, लेकिन किस्मत ने मां-बेटी दोनों को हमेशा के लिए छीन लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक अजन्मे बच्चे की भी जिंदगी खत्म हो गई।
पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बालाझर में रविवार दोपहर घोघरा डैम अचानक चीख-पुकार से गूंज उठा। गांव की रहने वाली सुकांति तिग्गा अपनी दो बेटियों के साथ डैम में नहाने गई थी। इसी दौरान उसकी 8 वर्षीय बेटी मीनाक्षी तिग्गा गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
बेटी को मौत के मुंह में जाता देख मां सुकांति ने बिना एक पल गंवाए डैम में छलांग लगा दी। बड़ी बेटी ने भी छोटी बहन को बचाने की कोशिश की। संघर्ष के बीच बड़ी बेटी तो किसी तरह बाहर निकल आई, लेकिन मां और छोटी बेटी गहरे पानी में समा गईं।
स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सबसे दुखद बात यह है कि सुकांति तिग्गा छह माह की गर्भवती थी। इस हादसे ने एक साथ तीन जिंदगियां लील लीं।
घटना की खबर मिलते ही पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया गया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। लोग यही कह रहे हैं कि एक मां आखिर आखिरी सांस तक अपनी संतान को बचाने की कोशिश करती रही।

