पश्चिम बंगाल में नया युग: सुवेंदु अधिकारी बने भाजपा के पहले मुख्यमंत्री
कोलकाता:पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई है। सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। उन्होंने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर अपनी शपथ ग्रहण की और पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झुककर अभिवादन किया।
भव्य शपथ ग्रहण समारोह
बंगाल के गवर्नर आर.एन. रवि ने राजभवन में सुवेंदु अधिकारी के साथ 5 अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरे इस प्रकार हैं:
दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल,अशोक कीर्तनिया,खुदीराम टुडू, निशिथ प्रमाणिक
समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी 165वीं जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
भावुक क्षण: 98 वर्षीय कार्यकर्ता का सम्मान
शपथ ग्रहण के दौरान एक विशेष दृश्य तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के 98 साल के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को सम्मानित किया। पीएम स्वयं मंच पर उनके पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाया और उनके पैर छुए, जिसके बाद माखनलाल सरकार ने भावुक होकर प्रधानमंत्री को गले लगा लिया।
सुवेंदु अधिकारी: संन्यास की राह से सत्ता के शिखर तक
सुवेंदु अधिकारी का जीवन आध्यात्मिकता और सादगी से भरा रहा है।
प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 1970 में पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गाँव में हुआ था।
आध्यात्मिक झुकाव: बचपन से ही उनकी आस्था रामकृष्ण मिशन में रही है, जहाँ वे हर शनिवार नियम से जाते थे। वे इतने धार्मिक थे कि घर में जमा सिक्के चुपचाप मिशन में दान कर आते थे। उनके परिवार को डर था कि वे कहीं संन्यासी न बन जाएं।
राजनीतिक संकल्प: सुवेंदु ने संन्यास के बजाय राजनीति का रास्ता चुना और आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया।
राजनीतिक सफर: उनकी छात्र राजनीति 80 के दशक के अंत में कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे पूरे पूर्व मेदिनीपुर में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई।

