हिंछापुर के ग्रामीणों ने उठाया नशे के खिलाफ सबसे बड़ा कदम
अब गांव में नहीं बनेगी कच्ची शराब, पकड़े जाने पर 50 हजार जुर्माना
सूचना देने वाले को मिलेगा 25 हजार रुपये इनाम
उत्तम साहू दिनांक 9 मई 2026
नगरी। नगरी ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित हिंछापुर गांव इन दिनों अपने ऐतिहासिक फैसले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 1500 से अधिक आबादी वाले इस गांव ने वर्षों से चल रहे अवैध कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ अब खुली लड़ाई छेड़ दी है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से करीब 32 लोगों द्वारा अवैध रूप से कच्ची शराब बनाकर बेचने का कार्य किया जा रहा था। इसका असर गांव के सामाजिक माहौल पर साफ दिखाई देने लगा था। युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रही थी और छोटी-छोटी बातों पर विवाद एवं झगड़े आम हो गए थे। आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।
इसी बीच नगरी एसडीओपी श्री विपिन रंगारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष पहल की। उनके नेतृत्व में ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामसभा से पूर्व महिला स्व सहायता समूहों की महिलाओं को नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता अभियान के लिए आमंत्रित किया गया। इसके बाद एसडीओपी श्री रंगारी स्वयं सिहावा थाना प्रभारी एवं पूरी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ विस्तृत संवाद किया।
बैठक में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने एकमत होकर गांव से अवैध कच्ची शराब के कारोबार को खत्म करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया।
एसडीओपी श्री विपिन रंगारी ने बैठक में नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान पर विस्तार से चर्चा की। उनकी अपील का असर ऐसा हुआ कि पूरे गांव ने हिंछापुर को “नशामुक्त गांव” बनाने का सामूहिक निर्णय ले लिया।
ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति गांव में शराब बनाते या बेचते हुए पाया गया तो उससे 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों को शासन की योजनाओं के लाभ से भी वंचित किया जाएगा। वहीं, शराब कारोबार की सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में सरपंच, जनप्रतिनिधि, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे। हिंछापुर का यह साहसिक कदम अब आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बनता नजर आ रहा है। क्षेत्रभर में एसडीओपी विपिन रंगारी और ग्रामीणों की इस पहल की जमकर सराहना हो रही है।

