भटगांव में स्थापित होगा अत्याधुनिक बकरी पालन केंद्र
वैज्ञानिक पशुपालन, नस्ल सुधार और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया आयाम
उत्तम साहू
धमतरी, 08 मई 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की पहल और मार्गदर्शन में धमतरी जिले के भटगांव में अत्याधुनिक बकरी पालन केंद्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस परियोजना को “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” के रूप में विकसित किया जाएगा, जो जिले में वैज्ञानिक बकरी पालन, नस्ल सुधार, पशुधन अनुसंधान और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इसी क्रम में कलेक्टर श्री मिश्रा ने आज प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु (Manikstu) के प्रतिनिधियों, चीफ बिजनेस ऑफिसर बिश्वबंधु पाढ़ी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेंद्र ठाकुर, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन हेतु चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं, ताकि केंद्र जल्द शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं, महिला समूहों, पशु सखियों और पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- उन्नत नस्लों के संरक्षण, प्रजनन और अनुसंधान हेतु आधुनिक बकरी ब्रीडिंग एवं रिसर्च सुविधा
- कृत्रिम गर्भाधान (AI), पैथोलॉजी जांच एवं रोग निदान के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला
- पशु सखियों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए हॉस्टल-सह-प्रशिक्षण केंद्र
- “फोडर कैफेटेरिया” के माध्यम से हरे चारे एवं टिकाऊ पशु आहार पद्धतियों का प्रदर्शन
- किसानों के लिए पारदर्शी बाजार प्लेटफॉर्म, जहां उन्नत नस्ल की बकरियों की खरीद-बिक्री उचित मूल्य पर हो सकेगी
- ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से वैज्ञानिक पशुपालन और उद्यमिता विकास संबंधी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम
परियोजना के प्रारंभिक चरण में लगभग 10 से 12 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं उन्नत नस्ल, तकनीकी मार्गदर्शन, पशु चिकित्सा सहायता और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से जिले के पशुपालकों और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
भविष्य में इस केंद्र के माध्यम से पशुधन मंडी, विस्तारित पशु चिकित्सा सेवाएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक किसान सहायता गतिविधियों के विकास की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।
यह पहल जिले में बकरी पालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदाय के लिए सतत रोजगार और आर्थिक अवसर सृजित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में विकसित होगी।

