सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री साय का मानवीय चेहरा, बुजुर्गों और बच्चों को अपने हाथों से पहनाया चश्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के बीच गुरुवार को बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का संवेदनशील और मानवीय रूप देखने को मिला। शिविर में उन्होंने आम लोगों से आत्मीय संवाद कर न केवल उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद कर मानवीय संवेदना की मिसाल भी पेश की।
मुख्यमंत्री साय ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर एक भावुक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी और जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया।
मुख्यमंत्री के हाथों चश्मा पाकर बुजुर्गों और बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने कहा कि अब उन्हें पढ़ने-लिखने और रोजमर्रा के कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं अब वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को उपचार से वंचित न रहना पड़े।
सुशासन तिहार के इस समाधान शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, पंचायत एवं अन्य विभागों की सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन दिए तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।
सुशासन तिहार अब केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास और संवेदनशील संवाद का सशक्त मंच बनता जा रहा है।

