चुनावी हार के बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा घटनाक्रम, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
कोलकाता वेस्ट बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल ने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर विधानसभा भंग करने का आदेश जारी कर दिया है।
राजभवन से जारी आदेश में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(ख) के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए मौजूदा विधानसभा को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब चुनावी हार के बाद भी ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था।
दरअसल, वर्ष 2021 में गठित विधानसभा का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर था और नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुरानी विधानसभा को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत भंग कर दिया गया। इस कारण मुख्यमंत्री को अलग से इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं रही।
चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में हार को जनादेश नहीं बल्कि “सुनियोजित साजिश” बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और कई सीटों पर मतगणना प्रभावित की गई। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा था कि उनकी पार्टी की लड़ाई केवल भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से भी थी।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि करीब 100 सीटों पर जनता के फैसले को प्रभावित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीतिक लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रखेंगी और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को और मजबूत किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

