किसानों का हित सर्वोपरि, मजबूत संगठन बनाकर लड़ेंगे हक की लड़ाई : लाला चंद्राकर
उत्तम साहू
नगरी (सिहावा)। भारतीय किसान संघ तहसील नगरी की प्रथम बैठक राजाबाड़ा में आयोजित की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं, संगठन की मजबूती और आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लाला चंद्राकर ने कहा कि किसानों की छोटी से छोटी समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव मजबूत संगठन तैयार करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि किसान किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, संगठन की प्राथमिकता केवल किसानों का हित होना चाहिए। मजबूत संगठन के अभाव में किसान आज शासन-प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर हैं और छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों भटकते रहते हैं। उन्होंने किसानों से संगठित होकर सड़क से लेकर शासन तक अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
बैठक में संरक्षक ललित सिन्हा ने कहा कि नगरी तहसील में 10-15 वर्ष पूर्व किसान संघ का मजबूत संगठन था, जिसे पुनः ऊर्जा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान असंगठित होने के कारण परेशानियों का सामना कर रहा है और समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय किसान संघ खेत से संसद तक संघर्ष करने के लिए तैयार है।
जिला महामंत्री एवं तहसील प्रभारी दुलार सिन्हा ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए गौ आधारित जैविक खेती, वृक्षारोपण तथा दलहन-तिलहन, मड़िया, उड़द, मक्का, मूंगफली और कुल्थी जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की।
नवमनोनीत तहसील अध्यक्ष तुलसी राम साहू ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए कहा कि रबी फसल के धान की खरीदी में मंडी और व्यापारियों द्वारा कम कीमत दी जा रही है तथा सुखती, कांटा, हमाली, परिवहन और तत्काल भुगतान के नाम पर किसानों से कमीशन काटा जा रहा है।
उन्होंने नगरी मंडी को तत्काल प्रारंभ करने, बरसात से पहले सोंडूर बांध के सभी फीडरों की नहर-नालियों की साफ-सफाई और मरम्मत कराने, किसानों के खेतों तक बिजली एवं सौर ऊर्जा कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज और कृषि दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही नकली और अधिक मूल्य पर खाद-दवाई बेचने वालों पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
बैठक में वर्षभर कृषि उत्पादों की समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदी रोकने और कम कीमत पर खरीदी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नियम बनाने की मांग उठाई गई। इसके लिए आगामी दिनों में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को व्यापक स्तर पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
बैठक में महेंद्र नेताम, आर.पी. साहू, टेमन साहू, प्रकाश साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

