घोड़े पर सवार होकर जनगणना करने निकले शिक्षक, सेवा भावना की मिसाल बना जज्बा
गढ़वा/ आधुनिक दौर में जहां लोग छोटी-सी असुविधा में भी अपने काम टाल देते हैं, वहीं धुरकी प्रखंड के टाटीडीरी उच्च विद्यालय के शिक्षक मुन्ना प्रसाद ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना से समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना कार्य को पूरा करने के लिए उन्होंने ऐसा रास्ता चुना, जिसकी आज हर तरफ चर्चा हो रही है।
दरअसल, क्षेत्र में ईंधन की कमी और दुर्गम रास्तों के कारण गांवों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया था। ऐसे हालात में शिक्षक मुन्ना प्रसाद ने हार मानने के बजाय घोड़े को ही अपना सहारा बना लिया। सफेद पोशाक पहनकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जब वे घोड़े पर सवार होकर पनघटवा गांव पहुंचे, तो ग्रामीण भी उन्हें देखकर हैरान रह गए।
ग्रामीणों ने इस अनोखे दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में शिक्षक का समर्पण और जिम्मेदारी साफ नजर आ रही है। लोग उनकी तुलना पुराने दौर के कर्मठ सरकारी कर्मचारियों से कर रहे हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटते थे।
सोशल मीडिया पर लोग मुन्ना प्रसाद की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि विपरीत परिस्थितियों में भी बिना किसी बहाने के सरकारी जिम्मेदारी निभाना वास्तव में प्रेरणादायक है। कुछ लोगों ने इसे “सच्चे शिक्षक और जिम्मेदार कर्मचारी” की पहचान बताया, तो कई ने कहा कि ऐसे लोग ही व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रखते हैं।
मुन्ना प्रसाद का यह प्रयास सिर्फ जनगणना कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि मन में सेवा का भाव और जिम्मेदारी निभाने का जज्बा हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। आज जब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, तब लोग उन्हें समर्पण, अनुशासन और कर्मठता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

