खाद की दुकानों पर कृषि विभाग का “सर्जिकल स्ट्राइक”, कहीं नोटिस तो कहीं लाइसेंस सस्पेंड
उत्तम साहू,धमतरी/ कृषि विभाग ने जिलेभर में उर्वरक की कालाबाजारी और मनमानी बिक्री पर शिकंजा कसते हुए सहकारी और निजी खाद दुकानों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों में गड़बड़ियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए, जबकि एक विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन और संचालक राहुल देव के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम लगातार जिले के खाद विक्रय केन्द्रों की निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी विकासखंड के सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक केन्द्रों में पहुंचकर स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, रेट और वितरण व्यवस्था की जांच की।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी सामने आई। मेसर्स काप केयर एण्ड ट्रेडिंग झिरिया, पारस कृषि केन्द्र सोनामगर, कर्मा ट्रेडर्स सेमरा, कृष्णा फर्टिलाईजर कुरूद और राज कृषि केन्द्र नगरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभाग ने साफ कहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जाए।
सबसे बड़ी कार्रवाई भखारा स्थित मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स पर हुई, जहां निर्धारित मात्रा से अधिक खाद बेचने और भूमिहीन व्यक्ति को उर्वरक देने की शिकायत सही पाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि किसानों को सही कीमत पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी वजह से जिलेभर में लगातार छापामार निरीक्षण जारी रहेगा और कालाबाजारी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे डीएपी के विकल्प के रूप में अन्य अनुशंसित उर्वरकों का उपयोग करें और खाद खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें। साथ ही अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या घटिया खाद की शिकायत तुरंत नजदीकी कृषि कार्यालय में दर्ज कराएं।

