🟢 वन्यजीव शिकार का मामला: मादा नीलगाय को मार पकाने की तैयारी, वन विभाग की दबिश से खुला राज
पिथौरा (महासमुंद)। जंगल से सटे गांवों में कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो इंसान और वन्यजीव के बीच बढ़ते टकराव की कहानी बयां करती हैं। ताजा मामला पिथौरा वन परिक्षेत्र का है, जहां कुछ ग्रामीणों ने एक मादा नीलगाय का शिकार कर उसे पकाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन समय रहते वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
बताया जा रहा है कि सुखीपाली के शांतिनगर निवासी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे सोमवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने भालुडोंगरी की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक मादा नीलगाय पर पड़ी, जिसे कुत्तों ने दौड़ाकर थका दिया था। मौका देखकर दोनों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे नीलगाय की मौके पर ही मौत हो गई।
शिकार के बाद आरोपी नीलगाय को पास के खेत में ले गए और मांस पकाने की तैयारी करने लगे। धीरे-धीरे अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंच गए और इस ‘दावत’ में शामिल होने लगे। लेकिन किसी सजग व्यक्ति ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी।
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए जोहित झरेखा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद एक और आरोपी सुरेंद्र झरेखा को भी पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपी ईश्वर कुमार, टंकधर रात्रे, सचिन प्रधान और विद्याधर प्रधान मौके से फरार हो गए।
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
अधिकारी सुखराम निराला के अनुसार, मृत नीलगाय करीब 4 साल की मादा थी। घटना की प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद नीलगाय के शव का अंतिम संस्कार नियमानुसार किया जाएगा।
👉 यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों कितनी जरूरी हैं।

