मानसून की दस्तक से पहले मौसम का डबल अटैक: कहीं भीषण लू, कहीं भारी बारिश और आंधी का खतरा
नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर भीषण गर्मी और लू लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर भी राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
मौसम विभाग ने पश्चिम राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू और भीषण लू का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में 18 से 21 मई के बीच अत्यधिक गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी गर्मी लोगों को बेहाल कर सकती है।
वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ लगातार बारिश की संभावना है। खासतौर पर असम और मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वी भारत के कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश के संकेत भी मिले हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिहार में कुछ स्थानों पर आंधी की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। झारखंड में भी तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है।
इस बीच मानसून को लेकर सबसे अहम अपडेट यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने इसमें चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना भी जताई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की शुरुआती गतिविधियां सामान्य से बेहतर संकेत दे रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

