ग्रामीण विकास को नई दिशा देने कलेक्टर ने ली ग्राम पंचायत सचिवों की मैराथन बैठक

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 ग्रामीण विकास को नई दिशा देने कलेक्टर ने ली ग्राम पंचायत सचिवों की मैराथन बैठक

मॉडल गांव, जल संरक्षण और डिजिटल पंचायत पर विशेष फोकस

उत्तम साहू 

धमतरी, 12 मई 2026। जिले के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी विकासखंड के पंचायत सचिवों की मैराथन बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित सभी जनपद पंचायतों के सीईओ एवं पंचायत सचिव मौजूद रहे।


बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांवों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और स्थायी विकास कार्य किए जाएं। उन्होंने गांवों में स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, चौपाटी निर्माण, सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण तथा सार्वजनिक परिसरों के व्यवस्थित विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने डिजिटल पंचायत की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन में टीवी, डीटीएच और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण युवा ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ सकें। पंचायत स्तर पर लाइब्रेरी स्थापित करने और अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी बल दिया गया।


बैठक में पंचायत कार्यालयों में सचिव का नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने हेतु सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं आसानी से मिल सकें। साथ ही अटल व्यावसायिक परिसर निर्माण की समीक्षा करते हुए लंबित ग्राम पंचायतों को शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा गया।


कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि जिले के चयनित गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जहां आधुनिक आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, आजीविका संवर्धन और डिजिटल सेवाओं का समेकित विकास किया जाएगा।


जल संरक्षण को लेकर कलेक्टर का रुख बेहद गंभीर नजर आया। उन्होंने जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में धान की खेती नहीं करने संबंधी प्रस्ताव ग्राम पंचायतों से पारित कराने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत परिसरों, सामुदायिक भवनों और शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने पर विशेष जोर दिया।


उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन गांवों में पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं है, वहां संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राशि काटने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।


बैठक के दौरान कलेक्टर ने पंचायत सचिवों से गांवों में आय के स्थायी स्रोत विकसित करने, स्थानीय बाजारों की पारदर्शी नीलामी कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सक्रिय पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के माध्यम से ही जिले के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और प्रत्येक पंचायत को आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

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