नगरी पुलिस ने मछली व्यापारी की हत्या का 48 घंटे में किया खुलासा, मजदूरी विवाद में साथियों ने रची थी साजिश
उत्तम साहू 29 जून 2026
नगरी। धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में मछली व्यापारी की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार मजदूरी बढ़ाने को लेकर उपजे विवाद और रंजिश के चलते आरोपियों ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीमों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एसडीओपी नगरी, थाना नगरी एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम के साथ तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। लगातार जांच और पूछताछ के बाद आरोपियों ने हत्या और लूट की पूरी साजिश स्वीकार कर ली।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विप्लव मंडल निजी फिश फार्म का संचालन करता था, जहां आरोपी मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और मृतक द्वारा कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार एवं गाली-गलौज किए जाने से आरोपी लंबे समय से नाराज थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने 25 जून को हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उसे अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद 27 जून को दोबारा योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
घटना वाले दिन आरोपियों ने मृतक की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि मृतक नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहा है, वे गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र में घात लगाकर बैठ गए। मृतक के पहुंचते ही लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके पास रखी मछली बिक्री की नगदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए तथा लूटी गई रकम का आपस में बंटवारा कर लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नगरी थाना में अपराध क्रमांक 53/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 309(6) एवं 311 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस ने इस मामले में टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19 वर्ष), सुरेंद्र यादव (26 वर्ष) और जगदीश विश्वकर्मा (50 वर्ष), सभी निवासी ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद को गिरफ्तार किया है। वहीं दो विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूट की 37,800 रुपये नकद राशि, मृतक के दो मोबाइल फोन, घटना की योजना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन, कुल छह मोबाइल फोन, तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री से हत्या और लूट की पूर्व नियोजित साजिश की पुष्टि हुई है।
धमतरी पुलिस ने इस अंधे कत्ल और लूट की गुत्थी को 48 घंटे के भीतर सुलझाकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

