विश्व पर्यावरण दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्थान नगरी में पौधारोपण, प्रकृति संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित
उत्तम साहू,नगरी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नगरी द्वारा पौधारोपण एवं "प्रकृति परिवर्तन" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा संस्थान के सदस्यों ने सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वनपाल दिनेश साहू, उपवनपाल झम्मनलाल कश्यप, वनरक्षक अब्दुल कादिर, वनरक्षक रवि कंचन, विवेकानंद वार्ड की पार्षद श्रीमती चेलेश्वरी साहू, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन, ब्रह्माकुमारी कमलेश्वरी बहन सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान परिसर में विभिन्न उपयोगी पौधों के रोपण से हुई। इसके पश्चात परमपिता शिव परमात्मा की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। ब्रह्माकुमारी कमलेश्वरी बहन ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
अपने उद्बोधन में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बाहरी प्रयास नहीं, बल्कि हमारी आंतरिक चेतना और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत गहरा है तथा पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश जैसे पंचतत्व मानव जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। जब मनुष्य के विचार शुद्ध और सकारात्मक होते हैं, तब प्रकृति के साथ सामंजस्य बना रहता है, लेकिन लोभ और स्वार्थ के कारण प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन बढ़ा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा के ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मनुष्य स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाकर प्रकृति संरक्षण के इस महान अभियान में योगदान दे सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
वनपाल दिनेश साहू ने कहा कि वनों की सुरक्षा और संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए इसकी सराहना की। उपवनपाल झम्मनलाल कश्यप ने भी सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और वन संरक्षण का आह्वान किया।
वनरक्षक अब्दुल कादिर और रवि कंचन ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने अतिथियों को ईश्वरीय प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश प्रजापति ने किया, जबकि रतिराम नाग ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।




