धमतरी का बेटा अब दिखाएगा दुनिया को अपना दम, विशेष छात्र सत्यांशु दीप भारतीय फुटबॉल टीम में चयनित, स्वीडन में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
उत्तम साहू,धमतरी, 29 जून 2026। धमतरी जिले के लिए गर्व और खुशी की खबर सामने आई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय 'सार्थक स्कूल' के होनहार छात्र सत्यांशु दीप का चयन Special Olympics Bharat की भारतीय फुटबॉल टीम में हुआ है। अब वे 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली Special Olympics Gothia Trophy 2026 में भारत की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सत्यांशु की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे धमतरी, छत्तीसगढ़ और देश के लिए गौरव का क्षण है। यह साबित करता है कि यदि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सही प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
सार्थक स्कूल के शिक्षकों के अनुसार सत्यांशु ने नियमित अभ्यास, अनुशासन, कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता अब हजारों विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी, जो बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस देंगे।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एवं अनुदानित विशेष विद्यालयों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल, व्यक्तित्व विकास और जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करना है। सत्यांशु का चयन इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह धमतरी जिले के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्यांशु स्वीडन में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि सत्यांशु की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। उचित मार्गदर्शन, अवसर और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर विशेष बच्चे भी विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
आज पूरा धमतरी सत्यांशु दीप की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। जिलेवासियों को उम्मीद है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु का शानदार प्रदर्शन न केवल भारत का तिरंगा ऊंचा करेगा, बल्कि समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश दुनिया तक पहुंचाएगा।

