जनता से बदसलूकी पड़ी भारी: वायरल वीडियो के बाद जनपद CEO रूपेश पाण्डेय निलंबित
दुर्ग। जन समस्या निवारण शिविर में आम लोगों के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार करने वाले जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय पर आखिरकार गाज गिर गई। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला शासन तक पहुंचा और राज्य सरकार के निर्देश पर दुर्ग कलेक्टर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान CEO रूपेश पाण्डेय का ग्रामीणों से बातचीत का तरीका विवादों में आ गया था। शिविर में मौजूद लोगों ने उनके व्यवहार पर नाराजगी जताई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला पंचायत दुर्ग निर्धारित किया गया है। वहीं, जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग महेन्द्र कुमार जांगड़े को सौंपा गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही और जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर लगातार सख्ती बरती जा रही है। आम नागरिकों के साथ अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सरकार का रुख भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि जनता के प्रति असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वायरल वीडियो के बाद हुई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा संदेश माना जा रहा है। अब यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

