धमतरी ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, देश में पहली बार 10 सहकारी समितियों से शुरू हुई ड्रोन कृषि सेवा
किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने की अनूठी पहल, राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित हुआ जिला
उत्तम साहू,धमतरी। कृषि के आधुनिकीकरण और सहकारिता आधारित नवाचार की दिशा में धमतरी जिले ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। देश में पहली बार 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को संगठित रूप से ड्रोन सेवा उपलब्ध कराने वाला धमतरी पहला जिला बन गया है। इस अभिनव पहल के लिए जिले को राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा गया है।
राजधानी रायपुर में आयोजित सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला सहकारिता विभाग के उपायुक्त प्रदीप ठाकुर को सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और सहकारिता मॉडल की सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट परिसर में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों के लिए ड्रोन तकनीक का विशेष प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों और नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र का उपचार, श्रम लागत में कमी, संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के बाद लोहरसी, दोनर, खरेंगा, अछोटा, बोड़रा, भोथीडीह, करेली, कुण्डेल, गाड़ाडीह और जुगदेही की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों ने किसानों को किराये पर ड्रोन सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इससे किसान आधुनिक तकनीक का लाभ लेकर खेती को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और लाभकारी बना सकेंगे।
इस अभियान का शुभारंभ 23 जुलाई 2026 को लोहरसी समिति से सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने किया था। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा था कि ड्रोन आधारित खेती से उत्पादन लागत घटेगी, उर्वरकों और दवाओं का सटीक उपयोग होगा तथा किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि धमतरी की इस पहल को इससे पहले कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भी सराहना मिल चुकी है। वहां जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए ड्रोन सेवा के सफल क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया था।
धमतरी का यह मॉडल अब देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन रहा है। सहकारिता, तकनीक और नवाचार के इस सफल समन्वय से न केवल किसानों को आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि "डिजिटल इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" और "सहकार से समृद्धि" जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी नई मजबूती मिल रही है।


