धमतरी स्थापना दिवस विशेष : विरासत से विकास तक… 28 वर्षों में बदली जिले की तस्वीर, विकास के नए आयाम हुए स्थापित
उत्तम साहू,धमतरी, 7 जुलाई 2026। 6 जुलाई 1998 को अविभाजित रायपुर जिले से अलग होकर अस्तित्व में आए धमतरी जिले ने करीब 28 वर्षों की विकास यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कभी सीमित संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं के अभाव से जूझने वाला यह जिला आज सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना, कृषि विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनभागीदारी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना चुका है। जिला स्थापना दिवस केवल प्रशासनिक गठन का अवसर नहीं, बल्कि धमतरी की उस सतत विकास यात्रा का उत्सव है, जिसने विरासत और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है।
प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि और कृषि प्रधान पहचान वाले धमतरी की विशेषता महानदी का उद्गम स्थल सिहावा, एशिया के प्रमुख मिट्टी के बांधों में शामिल गंगरेल जलाशय, घने वन, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और मेहनतकश किसान हैं। यही पहचान आज जिले के विकास की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
तब का धमतरी: चुनौतियों से भरा सफर
जिले के गठन के समय धमतरी मुख्य रूप से कृषि और वन आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर था। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं सीमित थीं। अधिकांश किसान वर्षा आधारित खेती पर निर्भर रहते थे तथा कई गांवों तक विकास योजनाओं की पहुंच धीमी थी। महिलाओं को पेयजल के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
आज का धमतरी: विकास और सुशासन की नई पहचान
बीते दो वर्षों में जिला प्रशासन के प्रयासों से विकास कार्यों ने नई गति पकड़ी है। जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव-गांव तक घरों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। जिन गांवों में कभी पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी, वहां आज सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित जांच और जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सड़कों और परिवहन ने बदली विकास की रफ्तार
जिले में मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और नई सड़कों का निर्माण विकास की नई तस्वीर पेश कर रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों और शहरों के बीच दूरी कम हुई है तथा व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। पुल-पुलियों का निर्माण, आधुनिक हाईटेक बस स्टैंड, यात्री सुविधाओं का विस्तार, पार्किंग व्यवस्था और रेल संपर्क के उन्नयन से जिले की कनेक्टिविटी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।
कृषि बनी आत्मनिर्भरता की आधारशिला
कृषि प्रधान जिले के रूप में धमतरी ने किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। समर्थन मूल्य पर पारदर्शी धान खरीदी, डिजिटल किसान पंजीयन (एग्रीस्टैक), सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग ने खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। इसके साथ ही उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण विकास योजनाओं ने बदली गांवों की तस्वीर
प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना विकास जैसी योजनाओं के माध्यम से गांवों में सीसी सड़कें, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे ग्रामीण जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
बिहान से महिलाओं को मिली आर्थिक मजबूती
महिला स्व-सहायता समूहों को बिहान योजना के माध्यम से नर्सरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। हजारों ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं।
खेल प्रतिभाओं को मिला नया मंच
जिले में खेल अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। खेल मैदानों का उन्नयन, प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार, इंडोर स्टेडियम, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन और ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से धमतरी खेल गतिविधियों का उभरता केंद्र बन रहा है। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बैडमिंटन सहित कई खेलों में युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
पर्यटन बना नई संभावनाओं का केंद्र
गंगरेल जलाशय, सिहावा, महानदी उद्गम स्थल, रुद्री, देवपुर सहित प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सौंदर्यीकरण और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के कारण जिले में पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, प्रवेशोत्सव, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं और छात्रहितैषी वातावरण विकसित किया गया है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण अभियान, क्षय रोग उन्मूलन तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाकर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुशासन और जनभागीदारी बना विकास का आधार
जिला प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें, मैदानी निरीक्षण, जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन की पारदर्शी कार्यशैली और जनभागीदारी ने विकास को नई दिशा दी है।
विरासत से विकसित भविष्य की ओर
आज धमतरी केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित जिला नहीं रहा, बल्कि नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। किसान, महिलाएं, युवा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक विकास यात्रा के बराबर के सहभागी बने हैं।
जिला स्थापना दिवस इस बात का प्रतीक है कि 1998 में बोया गया विकास का बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। मजबूत अधोसंरचना, सुरक्षित पेयजल, आधुनिक सड़कें, समृद्ध कृषि, विकसित पर्यटन, खेल सुविधाएं, रेल संपर्क, हाईटेक बस स्टैंड और जनकेंद्रित प्रशासन के साथ धमतरी आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। विरासत को संजोते हुए आधुनिक विकास की ओर बढ़ता धमतरी आज वास्तव में सुशासन, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण बन चुका है।

