अब नहीं रहेगी पानी की चिंता: सिर्री मल्टी विलेज स्कीम से कुरूद के 84 गांवों तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल
उत्तम साहू,धमतरी, 7 जुलाई 2026। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड में वर्षों से बनी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान अब जल्द ही साकार होने जा रहा है। भारत सरकार के जल जीवन मिशन के तहत लगभग 130.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिर्री मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) के पूरा होने पर कुरूद ब्लॉक के 84 गांवों के 29,793 परिवारों को घर-घर नल के माध्यम से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना न केवल ग्रामीणों की प्यास बुझाएगी, बल्कि महिलाओं का श्रम कम करने, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और भूजल संरक्षण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
जल संकट से मिलेगी स्थायी राहत
कुरूद क्षेत्र लंबे समय से गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना करता रहा है। भूजल स्तर लगातार गिरने और कई हैंडपंपों के सूख जाने से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। सिर्री मल्टी विलेज स्कीम के शुरू होने के बाद हजारों परिवारों को वर्षभर नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनकी दैनिक परेशानियां काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।
भूजल नहीं, नहर के सतही जल का होगा उपयोग
कुरूद विकासखंड भूजल की दृष्टि से सेमी-क्रिटिकल जोन में आता है, जहां लगातार बढ़ता भूजल दोहन चिंता का विषय है। इसे ध्यान में रखते हुए इस योजना में भूजल के बजाय नहर के सतही जल का उपयोग किया जाएगा। इससे भूजल स्रोतों का संरक्षण होगा और भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
आधुनिक तकनीक से होगी जलापूर्ति
योजना के तहत नहर से कच्चा पानी दंडेसरा स्थित सम्पवेल तक लाया जाएगा। यहां आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) में वैज्ञानिक तरीके से पानी का शुद्धीकरण किया जाएगा। इसके बाद पानी को मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर (एमबीआर) में संग्रहित कर पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से गांवों और घरों तक पहुंचाया जाएगा।
जलापूर्ति की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—
नहर → सम्पवेल (दंडेसरा) → वाटर ट्रीटमेंट प्लांट → मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर → वितरण पाइपलाइन → घरेलू नल कनेक्शन
इस पूरी व्यवस्था में पंपिंग और गुरुत्वाकर्षण आधारित तकनीक का समन्वित उपयोग किया जाएगा, जिससे दूरस्थ गांवों तक भी पर्याप्त दबाव के साथ नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
चार जोन में संचालित होगी योजना
समान जल वितरण और बेहतर संचालन के लिए परियोजना को चार जोन में विभाजित किया गया है।
- डांडेसरा जोन – 23 गांव
- भटगांव जोन – 19 गांव
- कोड़ेबोड़ जोन – 15 गांव
- सिर्री जोन – 27 गांव
इन चारों जोनों के माध्यम से कुल 84 गांवों के 29,793 परिवार इस योजना का लाभ उठाएंगे।
जल संरक्षण और सतत विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सतही जल के उपयोग से भूजल दोहन कम होगा और भविष्य की बढ़ती जल मांग को ध्यान में रखते हुए योजना की क्षमता भी तय की गई है, ताकि आने वाले वर्षों में भी पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।
ग्राम पंचायतों की होगी अहम भूमिका
योजना के सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पाइपलाइन की देखरेख, लीकेज नियंत्रण, रखरखाव और जल संरक्षण जैसे कार्यों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता से योजना अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनेगी।
ग्रामीण जीवन में आएगा बड़ा बदलाव
सिर्री मल्टी विलेज स्कीम के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को घर के पास ही सुरक्षित पेयजल मिलेगा। इससे महिलाओं और बच्चों का समय व श्रम बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी, स्वच्छता और स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह परियोजना "हर घर नल, हर घर जल" के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करेगी।
मगरलोड के लिए मेघा मल्टी विलेज स्कीम की भी तैयारी
जल जीवन मिशन के तहत मगरलोड विकासखंड के लिए मेघा मल्टी विलेज स्कीम की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। इस योजना के माध्यम से 59 गांवों को जोड़ा जाएगा। पारसाबुड़ा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा तीन मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर स्थापित किए जाएंगे। प्रशासकीय स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
सिर्री और मेघा दोनों मल्टी विलेज स्कीम के पूर्ण होने पर कुरूद और मगरलोड विकासखंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में सतही जल आधारित, सुरक्षित, आधुनिक और टिकाऊ पेयजल व्यवस्था स्थापित होगी। इससे धमतरी जिला ग्रामीण पेयजल प्रबंधन के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।

