30 जुलाई तक पूरा करें श्रमिकों का ई-केवाईसी, धमतरी और कुरूद में 450 से अधिक वीएलई को मिला प्रशिक्षण
उत्तम साहू
धमतरी। जिले के पंजीकृत श्रमिकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ दिलाने के उद्देश्य से धमतरी और कुरूद जनपद पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 450 से अधिक वीएलई (Village Level Entrepreneur) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण में ई-केवाईसी प्रक्रिया और श्रमिक डेटा संशोधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में क्लस्टर बनाकर श्रमिकों का ई-केवाईसी अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान श्रम पदाधिकारी एन.के. साहू, श्रम निरीक्षक निम्मी पटेल और श्रम उपनिरीक्षक मनीषा साहू ने ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं एवं उनके समाधान की जानकारी दी।
वहीं, राज्य स्तर से पहुंचे सीनियर मैनेजर मोहम्मद रियाज ने वीएलई को श्रमिकों के डेटा संशोधन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य श्रमिक कार्डों में दर्ज त्रुटियों का समय पर सुधार करना है, ताकि हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि शासन द्वारा ई-केवाईसी के लिए 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। सभी वीएलई को निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 जुलाई 2026 तक अपने-अपने क्षेत्रों में ई-केवाईसी एवं आवश्यक डेटा संशोधन का कार्य पूर्ण करें।
श्रम पदाधिकारी एन.के. साहू ने जिले के सभी पंजीकृत श्रमिकों से समय रहते ई-केवाईसी कराने की अपील करते हुए कहा कि यदि ई-केवाईसी नहीं कराया गया तो भविष्य में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

