झारखंड से सीखेंगी डेयरी की नई तकनीकें: धमतरी की 43 महिला दुग्ध उत्पादक अध्ययन भ्रमण पर रवाना
उत्तम साहू,धमतरी। जिले में महिला दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाने और डेयरी व्यवसाय को आधुनिक एवं लाभकारी स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से धमतरी जिले की 43 महिला दुग्ध उत्पादकों को अध्ययन भ्रमण के लिए झारखंड रवाना किया गया है।
अध्ययन भ्रमण के दौरान महिलाएं झारखंड के सफल डेयरी मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी। उन्हें सहकारी दुग्ध संग्रहण प्रणाली, दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, मूल्य संवर्धन, विपणन व्यवस्था तथा आधुनिक डेयरी प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही पशुओं के वैज्ञानिक पालन-पोषण, संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और कोल्ड चेन प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा।
भ्रमण के दौरान महिला दुग्ध उत्पादक स्वयं सहायता समूहों और महिला डेयरी समितियों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगी, ताकि इन सफल मॉडलों को अपने गांवों में भी लागू कर सकें।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि अध्ययन भ्रमण केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि महिलाओं के ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के सफल डेयरी मॉडल को देखने और समझने से महिलाएं अपने क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ेगी तथा उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कृषि के साथ-साथ डेयरी व्यवसाय को भी लगातार बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद प्रतिभागी महिलाएं अपने अनुभव अन्य दुग्ध उत्पादकों के साथ साझा करेंगी, जिससे जिले में वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन और सहकारी डेयरी गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

