भारी बारिश के बीच जलाशयों का सुरक्षित संचालन, सोंढूर से 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया
दुधावा से 3 हजार क्यूसेक जल निकासी, गंगरेल में बढ़ रही आवक; कलेक्टर ने नदी-नालों से दूर रहने की अपील
उत्तम साहू,धमतरी, 29 जुलाई 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा तीनों जलाशयों का सुनियोजित एवं नियंत्रित संचालन किया जा रहा है, ताकि जलस्तर सुरक्षित सीमा में बना रहे और बाढ़ जैसी स्थिति से बचाव किया जा सके।
जल संसाधन विभाग के अनुसार सोंढूर जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण वर्तमान में 15,256 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसके मद्देनजर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सोंढूर बांध से सोंढूर नदी में 5,000 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर जल निकासी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है। इसे देखते हुए सोंढूर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
इसी प्रकार दुधावा जलाशय में 7,454 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है, जिसके चलते वहां से 3,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जो आगे गंगरेल जलाशय में पहुंचेगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्तमान में दुधावा जलाशय अपनी कुल क्षमता के 81.14 प्रतिशत, सोंढूर 75.02 प्रतिशत तथा गंगरेल जलाशय 50.86 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है। बुधवार दोपहर 2 बजे गंगरेल (रविशंकर सागर) जलाशय का जलस्तर 344.12 मीटर दर्ज किया गया। यहां 12,522 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि फिलहाल 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नागरिकों से नदी-नालों, जलाशयों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति उफनते पानी को पार करने का प्रयास न करे तथा अभिभावक बच्चों और पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या असामान्य जल प्रवाह की जानकारी तत्काल जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को देने का आग्रह किया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीनों जलाशयों का संचालन तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।


