मुरूमसिल्ली बाँध पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों से रहें सावधान
मुख्य अभियंता ने किया निरीक्षण, वर्षा पूर्व मरम्मत और जल प्रबंधन कार्य जारी
उत्तम साहू
धमतरी, 1 जुलाई 2026। मुरूमसिल्ली बाँध की सुरक्षा को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाँध पूरी तरह सुरक्षित है। विभाग के अनुसार बाँध में किसी प्रकार की दरार या संरचनात्मक क्षति नहीं मिली है और विशेषज्ञ अभियंताओं की टीम लगातार इसकी निगरानी कर रही है।
हाल ही में मुख्य अभियंता मैक्सी कुजूर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुरूमसिल्ली बाँध का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान तटबंधों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था, संरचनात्मक स्थिति और सुरक्षा संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
विभाग ने बताया कि वर्ष 1923 में निर्मित मुरूमसिल्ली बाँध प्रदेश की महत्वपूर्ण वृहद सिंचाई परियोजनाओं में शामिल है तथा यह गंगरेल जलाशय का सहायक बाँध है। इसी कारण इसकी नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाता है।
निरीक्षण के समय मुरूमसिल्ली बाँध में 130.07 एमसीएम (80.29 प्रतिशत) तथा गंगरेल जलाशय में 325.95 एमसीएम (42.50 प्रतिशत) जल संग्रहित था। भविष्य में सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुरूमसिल्ली से नियंत्रित मात्रा में पानी गंगरेल जलाशय में छोड़ा जा रहा है।
मुख्य अभियंता ने वर्षा के दौरान संभावित मिट्टी कटाव (रेनकट) वाले हिस्सों की मरम्मत और संरक्षण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अमला इन कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने में जुटा हुआ है ताकि मानसून के दौरान बाँध की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहे।
जल संसाधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। विभाग ने कहा कि मुरूमसिल्ली बाँध पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी निगरानी विशेषज्ञ अभियंताओं द्वारा लगातार की जा रही है। सभी मरम्मत एवं संरक्षण कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य बाँध की दीर्घकालीन सुरक्षा, बेहतर जल प्रबंधन और जनहित को सुनिश्चित करना है।

