दिव्यांगता नहीं बनी राह की बाधा, जुनून ने दिलाया अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा सम्मान
धमतरी के सत्यांशु दीप ने स्वीडन में रचा इतिहास, स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में भारत को दिलाया कांस्य पदक
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने दी बधाई, बोले—सत्यांशु की सफलता विशेष बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
उत्तम साहू,धमतरी, 18 जुलाई 2026। सपने देखने और उन्हें हकीकत में बदलने का जज्बा हो, तो कोई भी चुनौती इंसान की राह नहीं रोक सकती। धमतरी के विशेष खिलाड़ी सत्यांशु दीप ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अदम्य इच्छाशक्ति से इस बात को एक बार फिर साबित कर दिखाया है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सार्थक स्कूल, धमतरी के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सत्यांशु दीप ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ के माध्यम से भारतीय स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल टीम में स्थान बनाया और स्वीडन के गोथेनबर्ग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार उपलब्धि हासिल की।
फिनलैंड को हराकर भारत ने जीता कांस्य पदक
गोथिया कप-2026 के स्पेशल ओलंपिक्स ट्रॉफी वर्ग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। तीसरे स्थान के लिए खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारत ने फिनलैंड को 2-1 से पराजित कर पदक जीत लिया। इस ऐतिहासिक सफलता में धमतरी के सत्यांशु दीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सत्यांशु की इस उपलब्धि से धमतरी जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर रोशन हुआ है।
कलेक्टर ने कहा—सत्यांशु की सफलता पूरे जिले के लिए गर्व
सत्यांशु दीप की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी विशेष खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना पूरे जिले के लिए गौरव और प्रेरणा की बात है।
उन्होंने कहा कि सत्यांशु ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और मजबूत संकल्प के साथ विशेष बच्चे भी वैश्विक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शासन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करने के साथ-साथ समावेशी विकास की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता एवं परिवारजनों, प्रशिक्षकों, सार्थक स्कूल, स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ तथा भारतीय स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।
पहले एथलेटिक्स में भी जीत चुके हैं स्वर्ण और कांस्य पदक
सत्यांशु दीप की यह उपलब्धि उनकी पहली बड़ी सफलता नहीं है। इससे पहले वे रोहतक, हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश के 23 राज्यों से आए 500 से अधिक खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने प्रतियोगिता में लॉन्ग जंप में स्वर्ण पदक और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था। उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन को देखते हुए ही उनका चयन भारतीय स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल टीम के लिए हुआ।
इसके बाद स्वीडन में भारत का प्रतिनिधित्व कर कांस्य पदक जीतना सत्यांशु के खेल जीवन की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
प्रशिक्षकों और परिवार के सहयोग से मिली ऐतिहासिक सफलता
उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, धमतरी डॉ. मनीषा पांडे ने भी सत्यांशु दीप को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि जिले और प्रदेश के विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ का मार्गदर्शन, सार्थक स्कूल में नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की मेहनत और परिवार के निरंतर सहयोग ने सत्यांशु को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सत्यांशु दीप की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। मेहनत, हौसले और अवसर मिल जाएं तो विशेष बच्चे भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर देश का तिरंगा गर्व से लहरा सकते हैं।


