गुरुपूर्णिमा पर महामाई धाम फरसियां में गूंजी महानदी मैया की आरती, संरक्षण का लिया संकल्प
उत्तम साहू
नगरी, फरसियां गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर सर्व धर्म तीर्थस्थल महामाई धाम फरसियां स्थित महानदी उद्गम कुंड में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत भव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच संपन्न हुई आरती में क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों से आए साधु-संत, गायत्री परिवार के सदस्य, ग्रामवासी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छाया रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा पीठ फरसियां के गायत्री परिवार द्वारा किया गया। वैदिक विधि-विधान के साथ महानदी मैया का पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न कराई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने महानदी के संरक्षण, संवर्धन एवं स्वच्छता के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
महानदी आरती समिति के कैलाश सोन ने बताया कि महामाई धाम परिसर में पिछले 13 वर्षों से प्रत्येक पूर्णिमा को नियमित रूप से महानदी महाआरती आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि महानदी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उसके संरक्षण के लिए समाज की सहभागिता सुनिश्चित करना भी है। इसी उद्देश्य से "मां अभियान" के तहत नदी संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से लोगों को जल स्रोतों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और नदी संस्कृति के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर ने भी महामाई धाम में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली महानदी आरती की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
महामाई समिति के अध्यक्ष शिवदयाल साहू ने कहा कि महानदी जैसी जीवनदायिनी नदी के संरक्षण के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और फरसियां में चल रहा यह प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।
16 पाली सेवा समिति महामाई धाम फरसियां के सचिव नीरज सोन ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को होने वाली महानदी आरती में 16 पाली के गांवों से श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। यह आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ महानदी संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
महामाई धाम फरसियां आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि महानदी संरक्षण के जनआंदोलन के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यहां समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा नदी संरक्षण से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए महानदी की निर्मलता और अविरलता सुरक्षित रखी जा सके।
गुरुपूर्णिमा पर आयोजित महानदी आरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया तथा महानदी मैया से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं नदी संरक्षण की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर रविशंकर सोन, नरोत्तम सोन, माधुरी कश्यप, हरकराम साहू, रूपचंद सोन, लीलम्बर साहू, जवाहर लाल ध्रुव, गजानंद कश्यप, शिव साहू, यशवंत साहू, डॉ. मुकेश चौधरी, शेखरचंद सोन, रामदयाल साहू, कन्हाई राम ध्रुव, चंद्रहास यादव, खम्हन साहू, देवेंद्र कश्यप सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

