हेलमेट ने बचाया सिर, लेकिन अंदरूनी चोटों ने ले ली प्रधान पाठक की जान
कुरूद-विशाखापत्तनम मार्ग पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार बाइक रेलिंग से टकराई; प्राथमिक शाला ठेनही के प्रधान पाठक भुनेश्वर सिंह दिवाकर का निधन
उत्तम साहू
धमतरी। सड़क हादसे में सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना भी एक शिक्षक की जिंदगी नहीं बचा सका। कुरूद-विशाखापत्तनम मार्ग पर हुए भीषण हादसे में प्राथमिक शाला ठेनही के प्रधान पाठक भुनेश्वर सिंह दिवाकर (50) की मौत हो गई। हादसे में उनका सिर हेलमेट की वजह से सुरक्षित रहा, लेकिन शरीर के अंदरूनी हिस्सों में आई गंभीर चोटें जानलेवा साबित हुईं।
जानकारी के अनुसार, सारंगपुरी (उमरगांव) निवासी भुनेश्वर सिंह दिवाकर रविवार को अपनी बेटी से मिलने रायपुर गए थे। बेटी से मुलाकात के बाद वे बाइक से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुरूद-विशाखापत्तनम मार्ग पर उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगी रेलिंग से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलमेट पहने होने के कारण सिर पर गंभीर चोट नहीं आई, मगर शरीर के अंदरूनी अंगों को लगी चोटें घातक साबित हुईं।
शिक्षा जगत में शोक की लहर
भुनेश्वर सिंह दिवाकर प्राथमिक शाला ठेनही में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ थे। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों और परिचितों ने उनके असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया है।
पुलिस ने हादसे का मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
लगातार हो रहे हादसों ने बढ़ाई चिंता
शिक्षकों के सड़क हादसों में जान गंवाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्कूल आने-जाने या निजी कार्यों से यात्रा के दौरान शिक्षक सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ताजा हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, वाहन की गति और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

