खेत में रोपाई कर रहे किसानों पर टूटा आसमान का कहर, बिजली गिरने से तीन की मौत
25 से 30 किसान खेत में जुटे थे, अचानक बदले मौसम ने छीन ली तीन जिंदगियां
कोरबा। धान की रोपाई के लिए खेत में जुटे किसानों को क्या पता था कि मौसम का अचानक बदला मिजाज उनके लिए मौत बनकर आएगा। शनिवार को सलोरा-छुरी गांव के बकरा बाजार स्थित खेत में आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कटघोरा थाना क्षेत्र के सलोरा-छुरी गांव में करीब 25 से 30 किसान एक साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान खेत की मेढ़ पर जोरदार आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से तीन किसान गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद खेत में मौजूद किसानों ने तत्काल तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान बहुरंन (44), लक्ष्मी चंद (48) और श्याम साहू (58) के रूप में हुई है। तीनों सलोरा-छुरी गांव के निवासी थे।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
पश्चिम बंगाल तट पर बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में संभागीय स्तर पर कुल वर्षा सामान्य से 19 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि सरगुजा संभाग में सबसे कम 49 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड की गई।
अगले 48 घंटे बारिश के आसार
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट है। अगले 48 घंटों तक अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
रायपुर में भी आसमान में बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
एक ओर किसान खेतों में धान की रोपाई में जुटे हैं, तो दूसरी ओर मौसम का बदलता मिजाज लगातार खतरे का संकेत दे रहा है। ऐसे में आकाशीय बिजली और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है।

