टीएसपी निधि और प्रचार खर्च पर आदिवासी कांग्रेस के गंभीर आरोप
विधानसभा और आरटीआई से मिली जानकारी का हवाला देकर मनोज साक्षी ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
उत्तम साहू
धमतरी/नगरी। आदिवासी उपयोजना (Tribal Sub-Plan-TSP) की राशि और सरकार द्वारा किए गए प्रचार-प्रसार खर्च को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी और सूचना के अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मनोज साक्षी का आरोप है कि 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 के बीच जनसंपर्क विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार पर करीब 10 अरब 95 करोड़ 20 लाख 36 हजार 698 रुपए खर्च किए गए। इनमें आदिवासी उपयोजना मद से 22 करोड़ 17 लाख 79 हजार 242 रुपए खर्च किए जाने का उल्लेख है। आदिवासी कांग्रेस का कहना है कि टीएसपी मद की राशि का उपयोग आदिवासी समाज और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाना चाहिए, न कि सामान्य प्रचार-प्रसार के लिए।
टीएसपी राशि के सरेंडर पर भी उठाए सवाल
आदिवासी कांग्रेस ने विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा करीब 1,976.88 करोड़ रुपए की टीएसपी राशि समर्पित (सरेंडर) की गई। मनोज साक्षी ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रावास, पेयजल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि का उपयोग नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी उपयोजना की राशि के उपयोग और सरेंडर को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
आदिवासी कांग्रेस ने सरकार से प्रचार-प्रसार पर किए गए खर्च और टीएसपी निधि के उपयोग की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही अन्य सार्वजनिक निधियों के उपयोग को लेकर श्वेतपत्र जारी करने, मीडिया संस्थानों को किए गए विज्ञापन भुगतान की विभागवार जानकारी सार्वजनिक करने तथा टीएसपी राशि के उपयोग में ग्राम सभाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।
मनोज साक्षी ने कहा कि आदिवासी उपयोजना की राशि आदिवासी समाज के विकास और कल्याण के लिए निर्धारित होती है। इसलिए इसके उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
आदिवासी कांग्रेस ने कहा कि टीएसपी निधि और सरकारी प्रचार खर्च से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ही वास्तविक स्थिति को सामने ला सकती है और सार्वजनिक धन के उपयोग में जवाबदेही तय कर सकती है।

