हरित ऊर्जा की ओर बढ़ा धमतरी: नगरी के ग्राम ठेनही बना जिले का पहला सामूहिक सोलर प्लांट वाला गांव”

0



हरित ऊर्जा की ओर बढ़ा धमतरी: नगरी के ग्राम ठेनही बना जिले का पहला सामूहिक सोलर प्लांट वाला गांव”

‘पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट, बिना किसी खर्च के मिलेगा योजना का लाभ

उत्तम साहू 

धमतरी, 17 जुलाई 2026/ धमतरी जिले के सुदूर अंचल नगरी विकासखंड में बसा ग्राम ठेनही जल्द  ही विकास की नई रोशनी से जगमगा होगा ।  प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ठेनही जिले का पहला गांव बन गया है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा गया है। यह पहल न केवल ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराएगी, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यह प्लांट वेंडरों द्वारा सब्सिडी राशि से योजना में गांव के कुल 71 परिवारों का  2-2 किलोवॉट के लिए पंजीयन किया गया है। कुल 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर प्लांट  लगाया गया है,प्लांट के लिए गांव से  करीब 50-75 मीटर दूरी पर जमीन उपलब्ध करायी गयी है।उप सरपंच रूपेश्वर नाग ने बताया कि किसी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गयी है। घरों में कनेक्शन का काम शुरू होने वाला है। प्लांट लग गया है। अब ग्रामीणों को बिजली बिल से छुटकारा भी मिल जाएगा। 



कार्यपालन अभियंता विद्युत श्री अनिल सोनी ने बताया कि आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होते ही प्लांट से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों को बिजली बिल के बोझ से काफी राहत मिलेगी तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उन्हें योजना का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे 55 गांवों का चयन किया गया है । जहां पक्के या  छत वाले मकान नहीं है, बल्कि खपरैल वाले है । वहाँ वेंडरों द्वारा सब्सिडी की राशि से जरूरत के मुताबिक सामूहिक सोलर प्लांट लगा रहे है । इसके लिए गांव के लोगों को कोई राशि नहीं देना पड़ता है । 

ग्राम ठेनही के निवासी श्री छात्र सिंह यादव बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब गांव में सोलर प्लांट लगने से बड़ी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि यह योजना ग्रामीणों के लिए आर्थिक बचत के साथ-साथ भविष्य के लिए भी लाभकारी है। गांव के अन्य लोगों ने भी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।



श्री इंदर सिंह नेताम (ग्रामीण, ग्राम ठेनही) की प्रतिक्रिया “हमारे गांव में सामूहिक सोलर प्लांट लगना हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है। पहले बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब इस योजना से काफी राहत मिलेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि गांव के लोगों को इसके लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। इससे गांव में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।”

श्री उमेंद्र नागेश (ग्रामीण, ग्राम ठेनही) की प्रतिक्रिया

“हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव में इस तरह की आधुनिक सोलर परियोजना स्थापित होगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से गांव के परिवारों को नियमित और किफायती बिजली मिलेगी। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। हमें गर्व है कि हमारा गांव जिले में इस योजना का पहला मॉडल गांव बन रहा है।”

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक समय नक्सल प्रभावित होने के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे गांव में अब आधुनिक हरित ऊर्जा का मॉडल विकसित हो रहा है। यह परिवर्तन शासन की विकासोन्मुखी सोच और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ठेन्ही में सामूहिक सोलर प्लांट की सफलता के बाद नगरी विकासखंड के फरसियां, रतावा, दुगली सहित लगभग 25 अन्य गांवों में भी इसी प्रकार की परियोजनाएं स्थापित किए जाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।



‘पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना’ का उद्देश्य देशभर में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, घरेलू बिजली खर्च कम करना तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्रों को विद्युत ग्रिड से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है। इससे ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ-साथ भविष्य में अतिरिक्त आय की संभावनाएं भी विकसित होती हैं।

सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटती है तथा स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक सोलर परियोजनाएं बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूत करती हैं।



धमतरी जिले में ठेनही गांव की यह पहल केवल एक सोलर परियोजना नहीं, बल्कि बदलते ग्रामीण भारत की नई तस्वीर है। जहां कभी विकास की राह कठिन मानी जाती थी, वहीं आज वही गांव स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में नगरी विकासखंड के अन्य गांवों तक इस मॉडल का विस्तार जिले को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि केंद्र शासन द्वारा संचालित ‘पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना’ ग्रामीण भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिले में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। 

ठेनही गांव में सामूहिक सोलर प्लांट की स्थापना केवल बिजली उपलब्ध कराने की परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण परिवारों के बिजली व्यय में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। धमतरी जिले के चयनित अन्य गांवों में भी इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इस योजना का लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। शासन की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा धमतरी हरित और सतत विकास का अग्रणी जिला बने।


Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !