वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने किया घेराव, पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ मामला
उत्तम साहू
नगरी। वन विभाग द्वारा जंगल में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के दौरान मंगलवार 14 जुलाई को नगरी वन परिक्षेत्र के ग्राम मोहम्मला और परसापानी के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने रोक लिया और कथित अतिक्रमणकारियों के ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को जब्त करने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर नगरी तहसीलदार व पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीओ फॉरेस्ट नगरी श्री संजय रौतिया ने बताया कि वन विभाग के लगभग 15 अधिकारी-कर्मचारी ग्राम मोहम्मला और परसापानी के बीच स्थित जंगल में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने टीम को रोक लिया और कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने वन भूमि पर कब्जा किया है उनके ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि वाहनों को भी जब्त किया जाना चाहिए।
सूचना मिलते ही दुगली, सिहावा एवं नगरी थाना का पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल पर करीब 100 से 120 महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद थे। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि वन परिक्षेत्र नगरी के बाँधा बिट के कक्ष क्रमांक 289 एवं 277 में ग्राम मोहम्मला माल के कुछ लोगों द्वारा जंगल की कटाई कर खेती के लिए भूमि तैयार कर ली गई है। मंगलवार को भी 4 से 5 ट्रैक्टरों से जुताई की जा रही थी। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, जिसके बाद विभागीय अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा।
ग्रामीणों का आरोप था कि जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो कथित अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई का विरोध किया और इसी दौरान ट्रैक्टर लेकर वहां से निकल गए। इसके बाद परसापानी और मोहम्मला रैयत के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम से कहा कि यदि अतिक्रमण में उपयोग किए गए वाहनों को जब्त नहीं किया जाएगा तो वे अधिकारियों को मौके से वापस नहीं जाने देंगे।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि वे पिछले कई वर्षों से कक्ष क्रमांक 289 की सुरक्षा कर रहे हैं, जबकि पिछले लगभग दो वर्षों से वहां अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। उनका कहना था कि वन विभाग को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में दोबारा जंगल की भूमि पर कब्जा न हो सके।
स्थिति बिगड़ती देख वन विभाग के कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण शांत हुए और वन विभाग की टीम को सुरक्षित वापस जाने दिया गया।
घटना के बाद वन विभाग द्वारा पूरे मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।



