वन संपदा से समृद्धि की ओर बढ़ रहा दुगली: IFS अधिकारी ने वन धन विकास केंद्र के कार्यों की सराहना
उत्तम साहू,धमतरी, 10 जुलाई 2026। वनाधारित आजीविका को मजबूत बनाने और लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईएफएस अधिकारी लक्ष्मीकांत कुंभार के मार्गदर्शन में वन धन विकास केंद्र (वी.डी.वी.के.) दुगली का निरीक्षण किया गया। इस दौरान केंद्र में संचालित गतिविधियों, प्रसंस्करण इकाइयों और स्व-सहायता समूहों के कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों ने उनके प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान जिला यूनियन धमतरी के उप प्रबंध संचालक सूर्य प्रकाश ध्रुव, सीनियर एग्जीक्यूटिव गुड्डू दुफारे, डिप्टी रेंजर सिल्वर कुमार सोम, वन धन मैनेजर संजय साहू सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने महिला स्व-सहायता समूहों एवं हितग्राहियों से संवाद कर केंद्र की प्रगति, उत्पादन क्षमता, विपणन व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी ली। समूहों को स्थानीय वन संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण एवं बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस दौरान पी.पी.ए. (PPA) मेडिसिनल प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने औषधीय पौधों के संरक्षण, वैज्ञानिक संवर्धन, सतत प्रबंधन तथा उनके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही औषधीय एवं लघु वनोपज आधारित उत्पादों की प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि वनवासियों और स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि हो सके।
आईएफएस अधिकारी लक्ष्मीकांत कुंभार ने कहा कि वन धन विकास केंद्र ग्रामीणों की आजीविका सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने समूहों को उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, मूल्य संवर्धन, नवाचार, गुणवत्ता मानकों का पालन तथा प्रभावी विपणन रणनीति अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय वन संपदा का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सकता है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने बेहतर समन्वय, तकनीकी सहयोग और क्षमता विकास के माध्यम से वन धन विकास केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। भ्रमण कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

