धमतरी बना प्रदेश का पहला जिला, PACS के जरिए किसानों को मिलेगी ड्रोन आधारित कृषि सेवा
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने किया ड्रोन स्प्रेयर सुविधा का शुभारंभ, स्वयं ड्रोन उड़ाकर देखा संचालन
उत्तम साहू
धमतरी, 23 जुलाई 2026। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के विस्तार की दिशा में धमतरी जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। धमतरी प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने ग्राम लोहरसी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 10 समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं ड्रोन का संचालन कर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में चयनित समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया। ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र के उपचार, लागत में कमी, श्रम की बचत और सुरक्षित कृषि प्रबंधन की उपयोगिता का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने भी इस आधुनिक तकनीक को कृषि कार्यों के लिए उपयोगी बताते हुए उत्साह व्यक्त किया।
मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का यह प्रयास खेती को अधिक लाभकारी, सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाएगा। ड्रोन तकनीक से समय और श्रम की बचत होगी तथा कृषि श्रमिकों की कमी की समस्या से भी राहत मिलेगी। किसान कम लागत में अधिक प्रभावी ढंग से दवा और उर्वरक का छिड़काव कर सकेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि धमतरी को कृषि नवाचारों का मॉडल जिला बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। ड्रोन आधारित कृषि सेवा इसी सोच का महत्वपूर्ण परिणाम है। आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार अन्य सहकारी समितियों तक भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने समिति परिसर में संचालित कृषि एवं कीटनाशक विक्रय केंद्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले की बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंडेल, गाड़ाडीह, जुगदेही एवं करेली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है। इन समितियों के माध्यम से किसान आवश्यकता के अनुसार नाममात्र के सेवा शुल्क पर ड्रोन आधारित छिड़काव सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा और आधुनिक तकनीक गांव-गांव तक पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि यह पहल केवल कृषि सेवाओं तक सीमित नहीं है। CSC e-Governance Services India Limited के सहयोग से इन समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को ड्रोन सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल एवं शासकीय सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इस पहल से सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक से रसायनों का संतुलित एवं लक्षित छिड़काव संभव होगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और फसलों की गुणवत्ता में सुधार आएगा। खेतों में सीधे प्रवेश की आवश्यकता कम होने से फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी। साथ ही ड्रोन संचालन के लिए प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा, औषधि बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा, डीएफओ श्री कृष्ण जाधव सहित जनप्रतिनिधिगण, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, CSC प्रतिनिधि, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पदाधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।





