किसान परिवार के बेटे डॉ. हेमंत कुमार साहू ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
नारधा गांव से जवाहर नवोदय विद्यालय होते हुए भारत सरकार के केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय तक का गौरवपूर्ण सफर
राजेंद्र साहू,मगरलोड। किसान परिवार में जन्म लेकर ग्रामीण परिवेश में शिक्षा की शुरुआत करने वाले नारधा गांव के डॉ. हेमंत कुमार साहू ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉ. हेमंत कुमार साहू ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान) के पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे गांव में हर्ष का माहौल है।
डॉ. हेमंत कुमार साहू की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी मिसाल है। उनके पिता श्री रामकृष्ण साहू किसान होने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवक हैं, जबकि माता श्रीमती कृष्णा साहू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले डॉ. हेमंत ने गांव से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, कुरूद में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक अध्ययन किया।
इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर से कृषि में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। आगे कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बेंगलुरु से कृषि में स्नातकोत्तर तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली से पीएचडी की उपाधि हासिल की। शिक्षा के दौरान उन्होंने अपनी मेहनत और शोध क्षमता से लगातार नई उपलब्धियां हासिल कीं।
फिलीपींस में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का मिला अवसर
पीएचडी के दौरान डॉ. हेमंत कुमार साहू को आईसीएआर एवं विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत फिलीपींस स्थित फिलीपीन राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन माह तक विजिटिंग स्कॉलर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण ने उनके शोध अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और व्यापक बनाया।
पीएचडी पूरी करने के बाद उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष तक बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद अब उन्होंने भारत सरकार के अधीन केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में सहायक प्राध्यापक के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
भाई भी शिक्षा और दुग्ध क्षेत्र में बना रहे पहचान
डॉ. हेमंत कुमार साहू के भाई श्री सोमनाथ साहू ने डेयरी रसायन विज्ञान में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ लिमिटेड में गुणवत्ता आश्वासन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इस प्रकार परिवार के दोनों भाइयों ने उच्च शिक्षा और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है।
गांव में खुशी का माहौल, ग्रामीणों ने दी बधाई
डॉ. हेमंत कुमार साहू की इस उपलब्धि पर ग्राम की प्रथम नागरिक सरपंच श्रीमती पुष्पा रामप्रसाद देवदास, जनपद सभापति श्रीमती तिलोत्तमा साहू, पूर्व सैनिक श्री रोहित कुमार साहू, शिक्षिका श्रीमती रुखमणी साहू, श्री प्रेमानंद साहू, पंच श्रीमती उत्तरा साहू, पंच श्रीमती टोमिन ध्रुव, गांव के वरिष्ठ नागरिक श्री दौलत राम निषाद, श्री लक्ष्मीनाथ पटेल, श्री मोहित राम साहू, श्री अर्जुन राम साहू, श्री भुना राम साहू, श्री सदा राम साहू, श्री जोधन राम साहू, श्री रमेश कुमार साहू, श्री राजेश साहू, श्री गोवर्धन निषाद, श्री पवन कुमार साहू, श्री खेमू राम साहू, उनके चाचा श्री थानू राम साहू तथा गांव के प्रधान पाठक श्री छगन लाल सहित परिवारजनों, रिश्तेदारों और ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
ग्रामीणों ने कहा कि नारधा गांव के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर भारत सरकार के अधीन केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद तक पहुंचना पूरे गांव के लिए गर्व और सम्मान की बात है। डॉ. हेमंत की सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की सीमाएं कभी भी प्रतिभा और मेहनत के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।
ग्रामीणों ने कहा कि उनकी उपलब्धि गांव के बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें, तो वे गांव से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। सभी ने डॉ. हेमंत कुमार साहू के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की।

